श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में बड़ा घटनाक्रम, महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने दिया इस्तीफा

अयोध्या स्थित राम मंदिर से जुड़े दान और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के बीच एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके साथ ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने भी अपना इस्तीफा सौंप दिया है। यह जानकारी उत्तर प्रदेश सरकार के सूचना निदेशक की ओर से दी गई।

क्या है पूरा मामला?

पिछले कुछ सप्ताहों से राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान की राशि में कथित गड़बड़ियों और धन के दुरुपयोग को लेकर विवाद चल रहा था। समाजवादी पार्टी सहित विपक्षी दलों ने करोड़ों रुपये के दान के हिसाब-किताब पर सवाल उठाए थे। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था।

जांच के दौरान एसआईटी ने ट्रस्ट के कई अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ की। महासचिव चंपत राय, ट्रस्ट सदस्य अनिल मिश्रा तथा अन्य अधिकारियों से दान पेटियों की गिनती, रिकॉर्ड प्रबंधन और वित्तीय प्रक्रियाओं को लेकर सवाल किए गए थे।

नैतिक आधार पर इस्तीफा

सूत्रों के अनुसार चंपत राय ने “नैतिक आधार” पर अपने पद से इस्तीफा दिया है। वहीं ट्रस्ट सदस्य अनिल मिश्रा ने भी पद छोड़ दिया है। हालांकि अभी तक दोनों नेताओं की ओर से सार्वजनिक रूप से विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है।

एसआईटी जांच जारी

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित एसआईटी अभी भी मामले की जांच कर रही है। जांच दल में प्रशासन, पुलिस और वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। सरकार का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से पूरी की जाएगी और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। विपक्ष लगातार ट्रस्ट के वित्तीय प्रबंधन पर सवाल उठा रहा है, जबकि ट्रस्ट और उससे जुड़े लोग पहले यह कहते रहे हैं कि आंतरिक ऑडिट में अभी तक किसी बड़े वित्तीय घोटाले का प्रमाण नहीं मिला है।

आगे क्या?

अब सभी की निगाहें एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हैं। रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि दान राशि में किसी प्रकार की अनियमितता हुई थी या नहीं, तथा भविष्य में ट्रस्ट की संरचना और प्रबंधन में कोई बदलाव किया जाएगा या नहीं।

फिलहाल चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे को राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़ा अब तक का सबसे बड़ा प्रशासनिक घटनाक्रम माना जा रहा है।

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