ट्रंप के दावे पर मेलोनी का पलटवार, बोलीं— “मैं और इटली कभी भीख नहीं मांगते”
रोम/वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump के एक कथित बयान को लेकर इटली की प्रधानमंत्री Giorgia Meloni ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। ट्रंप द्वारा यह दावा किए जाने की खबर सामने आई थी कि मेलोनी ने उनके साथ तस्वीर खिंचवाने के लिए “मिन्नतें” की थीं। इस दावे को मेलोनी ने सिरे से खारिज करते हुए इसे पूरी तरह मनगढ़ंत और वास्तविकता से परे बताया है।
प्रधानमंत्री मेलोनी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “मैं और इटली कभी भीख नहीं मांगते।” उन्होंने कहा कि इटली एक संप्रभु और सम्मानित राष्ट्र है तथा अंतरराष्ट्रीय संबंध आपसी सम्मान और सहयोग के आधार पर संचालित होते हैं, न कि किसी व्यक्तिगत एहसान या कृपा पर।
मेलोनी ने ट्रंप के कथित बयान पर नाराजगी जताते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन में नेताओं को तथ्यों के आधार पर बोलना चाहिए और सहयोगी देशों के नेताओं के बारे में भ्रामक टिप्पणियों से बचना चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि ऐसे बयान मित्र देशों के बीच संबंधों को प्रभावित कर सकते हैं और अनावश्यक विवाद पैदा कर सकते हैं।
इटली की प्रधानमंत्री ने पश्चिमी देशों की एकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में लोकतांत्रिक देशों को आपसी सहयोग और समन्वय बढ़ाने की आवश्यकता है। मेलोनी ने ट्रंप पर परोक्ष निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें अपने सहयोगी देशों के नेताओं पर टिप्पणी करने के बजाय पश्चिमी देशों के विरोधियों और अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों के खिलाफ अधिक सख्त रुख अपनाना चाहिए।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिका और यूरोप के बीच कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर समन्वय की आवश्यकता बनी हुई है। मेलोनी और ट्रंप दोनों ही दक्षिणपंथी राजनीतिक धारा से जुड़े माने जाते हैं, लेकिन इस बयानबाजी ने दोनों नेताओं के बीच मतभेदों को सार्वजनिक चर्चा का विषय बना दिया है।
हालांकि ट्रंप की ओर से इस विवाद पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन मेलोनी के बयान ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि सहयोगी देशों के शीर्ष नेताओं के बीच सार्वजनिक बयानबाजी कूटनीतिक संबंधों के लिए चुनौती बन सकती है।
फिलहाल इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच तीखी बहस जारी है, जबकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर इस बात पर बनी हुई है कि यह विवाद आगे किस दिशा में बढ़ता है।





