देश की सुरक्षा एवं प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े दो सम्मानित व्यक्तित्वों का आगमन मेरे कार्यस्थल पर हुआ।
वरिष्ठ IPS अधिकारी एवं SSB के महानिरीक्षक (IG) श्री रतन संजय जी तथा उत्तराखंड सरकार में माननीय मुख्यमंत्री के OSD श्री सतेंद्र वर्मा जी ने नाड़ी विज्ञान एवं योग चिकित्सा का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त किया।
दोनों अधिकारियों ने नाड़ी परीक्षण की वैज्ञानिकता, इसकी प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा तथा जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में इसके महत्व को गहराई से समझा। उन्होंने नाड़ी विज्ञान के माध्यम से रोगों की पहचान एवं स्वास्थ्य संरक्षण की इस अद्भुत विधा की सराहना करते हुए इसे समाज के व्यापक हित में अत्यंत उपयोगी बताया।
विशेष रूप से श्री रतन संजय जी ने नाड़ी विज्ञान के प्रति अपनी गहरी आस्था एवं रुचि व्यक्त करते हुए कहा कि भारत की इस अमूल्य धरोहर को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में इस ज्ञान-विज्ञान के प्रचार-प्रसार हेतु विभिन्न स्तरों पर सार्थक प्रयास किए जाएंगे, जिससे देश और समाज को इसका व्यापक लाभ मिल सके।
यह मुलाकात केवल एक औपचारिक भेंट नहीं थी, बल्कि भारतीय पारंपरिक चिकित्सा ज्ञान और आधुनिक प्रशासनिक नेतृत्व के बीच एक सकारात्मक संवाद का सशक्त उदाहरण भी रही। उनके स्नेह, मार्गदर्शन और प्रोत्साहन ने नाड़ी विज्ञान के प्रति मेरी प्रतिबद्धता को और अधिक दृढ़ किया है।
मैं दोनों सम्मानित अधिकारियों के प्रति हृदय से कृतज्ञता व्यक्त करता हूँ तथा आशा करता हूँ कि उनके सहयोग एवं प्रेरणा से नाड़ी विज्ञान जन-जन तक पहुँचकर स्वास्थ्य एवं कल्याण का एक प्रभावी माध्यम बनेगा।






